ख़द्दी परब: नवजीवन का उत्सव और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता ख़द्द यानी बच्चा! जंगल में जन्मे नये पौधे की तरह, नये जीवन की मासूमियत लिए हुए, हर चीज़ का नया अनुभव समेटे हुए। यह नयापन ही नवजीवन का प्रतीक है और इसी जीवन के उत्सव व संरक…
और पढ़ें..उराँव आदिवासी का समाज.. मैं रोशन टोप्पो , एक लेखक , कवि , शोधकर्ता और कुँड़ुख़ प्राइड (Kurukh Pride) वेबसाइट का संस्थापक हूँ। मेरा लेखन मुख्य रूप से आदिवासी संस्कृति , भाषा और इतिहास पर केंद्रित है। हिंदी , नागपुरी , सादरी …
और पढ़ेंउराँव जनजाति का इतिहास भारत भर में जनजातियों का इतिहास अतीत के गर्भ में मिलता है। यह भी एक सच्चाई है कि जनजातियाँ , देश भर में जंगलों और पहाड़ों में बसी हैं। महली लीविन्स तिर्की के अनुसार- “आदिवासी जंगलों और पहाड़ों में…
और पढ़ेंसिरसी-ता नाले का इतिहास: एक कहानी गहरी रात का सन्नाटा था। जंगल के बीचों-बीच बहता सिरसी-ता नाले अपनी कहानी को हर उस इंसान तक पहुंचाना चाहता था, जो उसे सुनने आए। ये कहानी, जिसे ओराओं आदिवासी समाज पीढ़ियों से संजोकर रखे हुए है, ध…
और पढ़ेंMudma Jatra Mela: A Cultural and Judicial Heritage of the Oraon Community M udma Jatra is not just an ordinary festival; it is a symbol of the rich cultural and judicial heritage of the Oraon community. Held annually in the hear…
और पढ़ेंजतरा: उराँव समाज की सांस्कृतिक धरोहर ज तरा, उराँव समाज की सांस्कृतिक पहचान का एक जीवंत प्रतीक है। यह आयोजन, जिसमें पारंपरिक नृत्य, संगीत और धार्मिक रिवाज शामिल होते हैं, इस समाज के लोगों के लिए एक साथ आने और अपने जीवन के अनुभव स…
और पढ़ेंचंदुआमाला (सिक्का हार): उरांव जनजाति की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर उरांव जनजाति का चंदुआमाला, जिसे सिक्का हार के नाम से भी जाना जाता है, न केवल एक पारंपरिक आभूषण है, बल्कि यह जनजाति की सांस्कृतिक धरोहर, पहचान, और इतिहास का प्रती…
और पढ़ेंलेखक परिचय: यह लेख रोशन टोप्पो द्वारा लिखा गया है, जो कि Kurukh Pride के संस्थापक और हिंदी, सादरी, एवं कुरुख भाषाओं के एक प्रसिद्ध कवि हैं। रोशन टोप्पो की कविताएं समाज और संस्कृति की जड़ों को छूने वाली होती हैं, और उनकी लेखनी म…
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